GENERATION OF COMPUTER
आज के आर्टिकल मैं हम सीखेगे कंप्यूटर की पीढ़िया (Generation of computer )तो चलिए शुरू करते है
कंप्यूटर की पीढ़िया -
कई सालो पहले कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है और आज भी किया जा रहा है लेकिन देखा जाये तो पहले के कंप्यूटर और आज के कंप्यूटर में काफी अंतर है | कंप्यूटर में समय के साथ काफी परिवर्तन हुआ है |
आजकल के कंप्यूटर हमे काफी मोर्डन और एडवांस देखने को मिलते है जबकि पुराने कंप्यूटर थोड़े कम मोडर्न थे पहले के समय में कंप्यूटर काफी बड़े होते थे लेकिन आज के समय में कंप्यूटर का साइज़ कम हो गया है और इनकी काम करने कि क्षमता भी बढ़ गयी है
सरल भाषा में कहे तो " कंप्यूटर का विकास केवल मशीनों का छोटा होना नहीं है बल्कि मानवीय क्षमता को बढ़ाने का एक सफर है कंप्यूटर का इतिहास हमे सिखाता है कि केसे समय अवधि के साथ तकनीक ने मुश्किल काम को सरल , मशीनों को छोटा और इन्सान के जीवन को तेज बना दिया है"
कंप्यूटर की तकनीक को विकसित होने में लगभग पांच पीढियों का वक्त लगा गया है कंप्यूटर कि पांच पीढ़िया निचे दी गयी है |
- पहली पीढ़ी के कंप्यूटर (1940 -1956)
- दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1956-1963)
- तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर (1964-1971)
- चोथी पीढ़ी के कंप्यूटर (1971-1985)
- पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर (वर्तमान )
पहली पीढ़ी के कंप्यूटर 1940-1956(VACUUM TUBES)
इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में मेमोरी के लिए Vacuum Tubesऔर मैग्नेटिक ड्रम का उपयोग किया जाता था | यह आकार में बहुत बड़े थे और पुरे कमरे में आते थे
पहली पीढ़ी की शुरुआत 1940 में हुई और इसका अंत 1956 में हुआ |
- इस पीढ़ी के कंप्यूटर इतने एडवांस और मॉडर्न नहीं हुआ करते थे इनमे काफी कमिया थी | ये कंप्यूटर काम करते समय बहोत जायदा हीट पैदा करते थे |
- इस पीढ़ी के कंप्यूटरो में मुख्य रूप से Batch processing ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता था |
- इन कंप्यूटरों में प्रोग्रामिंग करना बहुत ही जायदा मुश्किल काम था और ये बिजली भी ज्यादा use करते थे
पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण
- ENIAC
- EDVAC
- UNIVAC
- IBM-701
- EDSAC
- IBM 650
पहली पीढ़ी के फायदे और नुकसान
- इस पीढ़ी के कंप्यूटर डाटा कि कैलकुलेशन बहुत तेजी से करते थे ये मिलिसेकंड में गणना कर सकते थे |
- वैक्यूम टयूब की टेक्नोलॉजी जयादा मंहंगी नहीं थी |
- इन कंप्यूटर में डाटा और इनफार्मेशन को आसानी से स्टोर करके रख सकते थे |
नुकसान
- इन कंप्यूटर का साइज़ काफी बड़ा था|
- इस समय के कंप्यूटर में काम करते समय काफी गर्म हो जाया करते थे |
- यह कंप्यूटर बिजली का जयादा use करते थे |
- इसमें प्रोग्रामिंग करना बहुत मुश्किल था यह केवल मशीन लैंग्वेज का use करते थे |
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर 1956-1963(TRANSISTORS)
कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी की शुरुआत 1956 में हुई थी इसका अंत 1963 में हुआ था | इस समय के कंप्यूटर में ट्रांसिस्टर Transistor का इस्तेमाल किया जाता था | Transistor वेक्यूम ट्यूब के मुकाबले काफी छोटे थे |Transistor काफी सस्ते थे और साइज़ में भी छोटे थे
- यह काफी तेज काम करते थे
- इस पीढ़ी में असेम्बली लैंग्वेज और हाई लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता था |
- इसमें बिजली कि खपत भी कम होती थी |
- यह काफी भरोसेमंद थे
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण
- IBM 7094
- CDC 1604
- Honeywell 400CDC3600
- UNIVAC 1108
दूसरी पीढ़ी के फायदे और नुकसान
- यह कंप्यूटर काफी छोटे थे|
- पहली पीढ़ी के मुकाबले दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरो को मेन्टेन करना आसान था |
- ये अपने छोटे आकर की वजह से कम बिजली खर्च करते थे |
- इनके काम करने कि स्पीड भी काफी अच्छी थी ये डाटा को microseconds में कैलकुलेट कर लेते थे |
नुकसान
- इन कंप्यूटरों में रख रखाव की जयादा जरूरत पडती थी |
- दुसरे पीढ़ी के कंप्यूटर कम गर्मी पैदा करते थे फिर भी इन्हें ठंडा रखने के लिए ac की जरूरत पडती थी
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर 1964-1971 (IC)
कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी की शुरुआत 1964 में हुई और इसका अंत 1971 में हुआ था |
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के अंदर (IC)का इस्तेमाल किया गया IC एक चिप है जो की सिलिकोन से बनी हुई होती है इसलिए इसे सिलिकोन चिप भी कहा जाता था | IC आने के कारण कंप्यूटर का साइज़ काफी छोटा हो गया था इसके साथ साथ मेमोरी की क्षमता भी काफी जयादा बढ़ गयी थी |
इस पीढ़ी के कंप्यूटर काफी Reliable थे |
इस पीढ़ी में Time sharing or multiprogramming ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता था |
इस पीढ़ी में हाई लेवल लैंग्वेज जेसे कि -Cobol , Pascal आदि का USE किया जाता था |
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण
IBM 370
UNIVAC 1108
DEC Series
PDP -11
ICL2900
तीसरी पीढ़ी के फायदे और नुकसान
- इसमें डाटा कैलकुलेट करने की स्पीड काफी अच्छी थी |
- ये कंप्यूटर हाई लेवल भाषा को सपोर्ट करते थे |
- इनमे प्रोग्रामिंग करना आसान था |
- इस पीढ़ी के कंप्यूटर काम करते समय बिजली कम खर्च करते थे |
- पिछली पीढ़ी के मुकाबले इनकी स्टोरेज क्षमता काफी अच्छी थी |
नुकसान
- इसमें IC चिप का use किया गया जिसको बनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पडा |
- इस पीढ़ी के कंप्यूटर काफी महंगे थे |
- IC CHIP को रिपेयर करना काफी मुश्किल था और इस चिप के साथ काम करने के लिए Specialized workers की आवश्यकता पड़ती थी |
चोथी पीढ़ी के कंप्यूटर 1971 -1985 (Microprocessor)
कंप्यूटर के चोथी पीढ़ी कि शुरुआत 1971 में हुई थी और अंत 1985 हुआ इसमें IC की जगह माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया जाता है | माइक्रोप्रोसेसर में बहुत सारे LSI Circuit होते है | चोथी पीढ़ी आने के बाद कंप्यूटर और भी जयादा आधुनिक हो गए इस पीढ़ी के आते ही कंप्यटर के काम करने की क्षमता और स्पीड दोनों बढ़ गयी |
इस पीढ़ी में Real Time, sharing or Distributed ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है |
इस पीढि के कंप्यूटर हाई लेवल लैंग्वेज जेसे कि - C,C++ आदि को सपोर्ट करते है |
चोथी पीढ़ी आने के बाद कंप्यूटर और भी जयादा आधुनिक हो गए |इस पीढ़ी के आते ही कंप्यूटर के काम करने की क्षमता और स्पीड दोनों बढ़ गयी |
चोथी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण
MICRAL
IBM 5100
ALTAIR880
चोथी पीढ़ी के फायदे और नुकसान
- इन कंप्यूटर को मेन्टेन करने की जरूरत नहीं पडती |
- यह कंप्यूटर बहुत कम गर्मी पैदा करते है
- इस पीढ़ी के कंप्यूटर साइज़ में काफी छोटे होते है |
- ये कंप्यूटर सस्ते होते है और आसानी से उपलब्ध हो जाते है |
- इस पीढ़ी की स्पीड पिछली पीढ़ी के कंप्यूटर की तुलना में काफी अच्छी है |
नुकसान
- इस जनरेशन में MICROPROCESSOR का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन मैक्रोप्रोसर को बनाना मुश्किल काम है
- MICROPROCESSOR को बनाने के लिए बहुत अडवांस TECHNOLOGY कि जरूरत पड़ती है |
पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर (वर्तमान और भविष्य )
पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर अभी तक सभी पीढियों से बेहतर और एडवांस है पांचवी पीढ़ी में AI (Artificial Intelligence) तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है |
वर्तमान समय में कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी चल रही है और यह कंप्यूटर की आखिरी पीढ़ी है इस पीढ़ी में हाई लेवल भाषा जेसे कि C,C++, JAVA और Net आदि का उपयोग किया जाता है इस पीढ़ी का इस्तेमाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में, मनोरंजन के क्षेत्र में, और रोबोट बनाने में किया जाता है और पढ़ाई , गंमिंग के लिए भी काफी यूजफुल है धीरे धीरे कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी को और भी जायदा विकसित किया जा रहा है ताकि यह और भी जायदा एडवांस हो सके |
पांचवी पीढ़ी के उदाहरण
- परम सुपर कंप्यूटर
- वर्कस्टेशन
- नोटबुक
- डेस्कटॉप
- लेपटोप
पांचवी पीढ़ी के फायदे और नुकसान
- इस कंप्यूटर की स्पीड पिछली सभी कंप्यूटर के मुकाबले जायदा है
- इन कंप्यूटर को रिपेयर करना काफी जायदा आसान है
- इसका साइज़ काफी छोटा है
- इन कंप्यूटरों को कही भी ले जाया जा सकता है जेसे कि हम अपने लैपटॉप को कही भी आसानी से ले जा सकते है
नुकसान
- इस कंप्यूटर को USE करने के काफी जायदा समस्याओ का सामना करना पड़ता है
- इस जनरेशन के कंप्यूटरों को बनाने के लिए COMPLEX TOOL का USEहोता है जो कि आसानी से नहीं मिलते |
CONCLUSION
आज के आर्टिकल में हमने पढ़ा कंप्यूटर की पीढियों के बारे में | अगर आपके लिए Generation of computer का यह आर्टिकल उपयोगी रहा तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले |